Monday, April 23, 2012

Come to me…


             
A promise I can make
That you shall never be awake alone
When stars go dim
By your window,
Come to me… I’ll hold you tight
And never let you go….

A promise that
promise
Promise............
You'll never see the ground    

N heavenly blues
Would become ‘your’ color
For everyday…
Come to me… for I make you a home
Worth a whole world of promises…

Days and times when
Life outruns you,
A mere thought would
Put forth a bridge
Where I am there to
Leap you out…

A promise that
All the promises will be kept

A promise that
That it’ll be most kept and said
When least needed
Come to me…

For I promise that
Souvenirs of our good memories
Will always be kept deep
And never forgotten...........

Monday, April 16, 2012

जीया ...........



जलता है जीया, जैसे दीया जलता है, 
धुआं बन के ख़ामोशी में हवा हो जाता है, 
कोई ना जान पाता है, 

कोई ना समझ पाता है, 
जलता है जीया, जैसे दीया जलता है, 

कुछ सवाल ऐसे है जिनके जवाबों के लिए तरसता है, 
कुछ यादें ऐसी है जिन्हें, 
भूल नहीं पाता है, 
कोई दर्द ऐसा अन्दर छुपाए रखता है, 
जो कम होता नज़र नहीं आता है, 

इस दौरान कई हसरातों के, कई चाहतों के, 
काफिले गुज़र जाते है, 
कभी अरमान निकलते है, 
कभी उम्मीद लौट आती है, 
पर इस भीड़ में भी, 
कोई ना जान पाता है, 
कोई ना समझ पाता है, 
जलता है जीया, जैसे दीया जलता है, 

खफा होकर, अकेला होकर, 
खलिश के अँधेरे कोने में जाकर बैठ जाता है, 
रोता है, सिस्कियाँ भरता है, 
तो कभी किसी खोये हुए के इंतज़ार में, 
वक़्त को बंजर आँखों से ताकता रहता है, 
कौन जनता है जीया, 
ऐसी वीरानियों में बसता है, 
कौन जनता है, 
जलता है जीया, जैसे दीया जलता है, 

है कुछ राहत अगर उसे, 
तो है वो उजाला जो खुद उस से फैलता है, 
कही जब वो सापनों के लिए निकल पड़ता है, 
तो उजाला राह देखने में मदद करता है, 
है कुछ राहत अगर उसे, 
तो वो छोटी सी ख़ुशी है जो उसे मिलती है, 
के वो भुजा नहीं है, 
और अब तक जल रहा है, 

और यूंही जीया जीता है, 
हर एक लम्हा धड़कता, 
कितनी ख़ुशी और कैसे गम में काटता है, 
कोई ना जान पाता है, 
कोई ना समझ पाता है,
जलता है जीया, जैसे दीया जलता है......!!!!